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Bollywood Upcoming Movie kargil girl : जानें कौन थी ‘कारगिल गर्ल’ गुंजन सक्सेना? जिसका किरदार निभा रहीं जाह्नवी कपूर

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Janhvi Kapoor Upcoming Movie kargil girl जानें कौन थी ‘कारगिल गर्ल’ गुंजन सक्सेना? जिसका किरदार निभा रहीं जाह्नवी कपूर

Janhvi Kapoor Upcoming Movie kargil girl – जान्हवी कपूर (Jhanvi Kapoor) की फिल्म ‘कारगिल गर्ल’ (Kargil Girl) का पहला लुक रिलीज हो गया। एयरफोर्स पायलट की ड्रेस में जान्हवी (Jhanvi) की तस्वीर सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। इस फिल्म के लुक को धर्मा प्रोडक्शन ने ट्विटर पर साझा किया जिसके बाद यह ट्रेंड कर रहा है। ‘कारगिल गर्ल’ (Kargil Girl) फिल्म में जान्हवी ने पहली महिला पायलट गुंजन सक्सेना (Air Force pilot Gunjan Saxena) का किरदार निभाया है। ऐसे में हर कोई गुंजन सक्सेना (Gunjan Saxena) की जिंदगी के बारे में जानने चाहता होगा। साथ ही मन में यह सवाल भी उठ रहा होगा कि गुंजन सक्सेना (Gunjan Saxena) का कारगिल वॉर (Kargil war) से क्या कनेक्शन है। जानिए गुंजन सक्सेना से जुड़ी बातें…

 Janhvi Kapoor Upcoming Movie kargil girl - wikifeed

(Kargil war) कारगिल वॉर 1999 में हुई थी। इस युद्ध के दौरान दो महिलाओं ने ऐसा काम कर दिखाया था जिसकी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। इन दो महिलाओं के नाम गुंजन सक्सेना (Gunjan Saxena) और श्री विद्या है। इन दोनों महिलाओं ने न केवल कारगिल युद्ध के दौरान दुश्मन की मिसाइलों का मुकाबला किया, बल्कि सरहद पर तैनात जवानों के घायल होने पर उन्हें तुरंत अस्पताल भी पहुंचाया। इस बहादुरी के लिए गुंजन सक्सेना (Gunjan Saxena) को शौर्य चक्र से भी नवाजा गया है।

वायुसेना के पहले बैच में शामिल

आज से 20 साल पहले वायुसेना में महिलाओं को आज की तरह फुल कमीशन नहीं दिया जाता था, बल्कि शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए 7 सालों तक ही देश की सेवा करने का मौका मिलता था। ऐसे में सैन्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली गुंजन सक्सेना (Gunjan Saxena) और श्रीविद्या राजन उन 25 ट्रेनी पायलटों में शामिल थीं, जिन्हें 1994 में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के पहले बैच में शामिल होने का मौका मिला था।

 Janhvi Kapoor Upcoming Movie kargil girl - wikifeed

कारगिल युद्ध में घायल सैनिकों को पहुंचाया अस्पताल

फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना और फ्लाइट लेफ्टिनेंट श्री विद्या राजन को भी एक ऐसे ही मौके की तलाश थी, जहां उन्हें देश के लिए कुछ करने का मौका मिले। आखिरकार उन्हें यह मौका तब मिला जब 1999 में कारगिल जंग छिड़ी। हालांकि उन्होंने इससे पहले कभी फाइटर जेट नहीं उड़ाया था। युद्ध के दौरान जब सेना को पायलट को जरूरत पड़ी तो दोनों को कारगिल युद्ध क्षेत्र में भेजने का फैसला किया गया। सेना ने इन्हें घायल सैनिकों को लाने के साथ राशन भेजने और सबसे अहम युद्ध क्षेत्र में पाकिस्तानी सैनिकों पर निगाह रखने की जिम्मेदारी सौंपी थी। अब दोनों को ऐसे इलाके में उड़ान भरनी थी, जहां पाकिस्तानी सेना उन्हें कभी भी अपनी मिसाइलों के जद में ले सकती थी।

छोटे चीता हेलीकॉप्टर से किए मुश्किल काम

बावजूद इसके उन्होंने इस मिशन के लिए हामी भरी और छोटे चीता हेलीकॉप्टर्स से पहली बार युद्ध क्षेत्र की उड़ान भरी। दुश्मन की तोपों और मिसाइलों के सामने चीता हेलीकॉप्टर की कोई औकात नहीं होती क्योंकि वह हथियार रहित होता है। ऐसे में दोनों के पास सेल्फ डिफेंस के लिए कुछ भी नहीं था। दोनों ने जान की परवाह किए बगैर उत्तरी कश्मीर के खतरनाक इलाके में उड़ानें भरी। उस इलाके में पाक सैनिक बुलैट और मिसाइलों से ही एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर्स और एयरक्राफ्ट्स को देखते ही निशाना बना रहे थे।

 Janhvi Kapoor Upcoming Movie kargil girl - wikifeed

घायल सैनिकों ने बढ़ाया जज्बा

सेल्फ डिफेंस के नाम पर गुंजन के पास केवल एक इंसास राइफल और एक रिवॉल्वर ही थी, जिसका इस्तेमाल उन्हें तब करना था, अगर उनका चॉपर दुश्मन के इलाके में क्रेश हो जाता। इस दौरान उनका बस केवल एक ही मकसद था कि कैसे घायल सैनिकों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जाए और यही घायल सैनिक उनके इस जज्बे को भी कायम रखे हुए थे। गुंजन का मानना है कि एक हेलीकॉप्टर के पायलट के लिए इससे अच्छा अहसास क्या हो सकता है कि जंग के दौरान घायलों को अस्पताल पहुंचा रही हैं और किसी की जान बचा रही हैं। हालांकि बतौर चॉपर पायलट उनके साहस और दिलेरी को देखते हुए उन्हें शौर्य वीर चक्र से भी नवाजा गया। सेना से ऐसा सम्मान प्राप्त करने वाली वह पहली महिला भी बन गईं।

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